जब हार महसूस करें तो रीस्टार्ट करें

जब हार महसूस करें तो रीस्टार्ट करें

नेहा दुसेजा

दिल जब भी हारा हुआ महसूस करे सिर्फ एक शब्द दोहराओ, रीस्टार्ट! रीस्टार्ट! रीस्टार्ट! क्योंकि हम असफल नहीं होते। या तो हम जीत जाते हैं या सीखते हैं और यह पूरी कशमकश में हम जीना सीखते हैं।
बी,एड ख़तम होने के बाद, घर वालों के हिसाब से घर में एक टीचर तैयार हो गई थी। और मेरे हिसाब से वो एक लेखक थी जो अब तक अपनी भावनाओं को डायरी में  लिखती थी। लेकिन अब उन्हें बाहर निकालने का वक्त आ गया था!

लेकिन ये भी सही कहा है, “कलाकार बेचारा बहुत बार भूखा ही रहता है”। तो ये समझने के लिए कि इससे कैसे कमाया जाए, हमने गूगल से सवाल किया। और जवाब मिला कंटेंट राइटर जॉब से अब खर्च चलाने जितने पैसे आ जाते हैं। लेकिन अब पैशन को जिंदा रखना जरूरी था, जिसका मतलब था एक्स्ट्रा मेहनत !

तो तीन महीने में अपनी किताब ख़तम कर उसे छपवाया, और पापा की नज़रों में इतना तो कर दिया था कि, “अब मुगैम्बो घर से नहीं निकलता”।

लेकिन जिंदगी में हर चीज आपके हिसाब से हो ये जरूरी नहीं! मैं तो मामूली लेखक थी जो सिर्फ काल्पनिक कहानियाँ लिख रही थी, असली लेखक तो ऊपर वाला है जो हम सब की सबसे अच्छी कहानी लिख रहा है!

सबको सबके हिस्से का समय से दे रहा है!

तो मेरी जब पहली किताब, Tawazzu Dijiye, चली नहीं, तो दिल थोड़ा निराश हो गया था। कुछ वक्त के लिए मैं हारा हुआ महसूस कर रही थी, फिर याद आया बाबूमोशाय जिंदगी अभी काफी बड़ी है, ऐसा सब तो होता रहेगा।

रीस्टार्ट! रीस्टार्ट! रीस्टार्ट!

जब लिखना सीख लिया तो बोलना आजमाना बाकी था। फिर ओपन माइक पर जाना शुरू किया। साथ-साथ काम तो चल ही रहा था लेकिन जब बात पैसे की आती है तो कहीं न कहीं हम पैसे को प्राथमिकता देते हैं। और इस बीच पैशन बैक सीट ले लेती हैं.
इस भागदौड़ में पाँच साल बीतने के बाद लाइफ में एक नया चैप्टर आया। शादी। सोचा इसके बाद ज़रा थम जाऊंगी और अपने सपनों को थोड़ी उड़ान दूंगी और वो होना भी शुरू हो जाएगा!

लाइफ के सबसे बड़े दो शो मिल भी गए। कलाकार की जिंदगी में उसका सोशल मीडिया उसकी पहचान बन जाता है। और शो करने के बाद उसके सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की बारिश होनी चाहिए थी। अब वही सोशल मीडिया मेरा शैडो बैन हो गया था, मतलब रीच आना बंद हो गई थी!

अब वो स्थिति थी कि वर्क से भी गई और पैशन से भी। वापस मेरे दिमाग में एक बात आई!

रीस्टार्ट! रीस्टार्ट! रीस्टार्ट!

तो बस हमें कभी हार न मानने वाले attitude को जिंदा रखना है।

एक बढ़िया नौकरी ढूंढी और पैसे के साथ जुनून पर काम करना फिर से शुरु  कर दिया।

आख़िरकार, पैशन के लिए भी तो पैसे की ज़रूरत होती है!